दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन

12वीं पंचवर्शीय योजना के तहत राश्ट्रीय षहरी आजीविका मिषन का कियान्वयन सभी जिला मुख्यालय शहरों और उन शहरों में किया जायेगा जिनकी जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 1 लाख या उसके ऊपर हैं। विषेश परिस्थितियों में राज्य की संस्तुति पर अन्य षहरों को भी इसके तहत स्वीकृति प्रदान की जायेगी। उत्तराखण्ड राज्य के परिपेक्ष में याजना सभी नगर निकायों में संचालित की जा रही हैं। राश्ट्रीय षहरी आजीविका मिषन का प्राथमिक लक्ष्य षहरी निराश्रितों सहित षहरी गरीब हैं। षहरी गरीबों की पहचान हेतु वर्तमान में जारी सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना 2011 अभी प्रगति पर हैं। तद्नुसार अन्तरिम पैमाने के रूप में, राज्यों/केन्द्र षासित प्रदेषों द्वारा चिहिन्त षहरों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या ही राश्ट्रीय षहरी आजीविका मिषन का मुख्य लक्ष्य होगी। इस आच्छादन का विस्तार उपर्युक्त चिह्नित षहरी जनसंख्या के अधिकतम 25 प्रतिषत तक, विभिन्नवंचित-समूहों के परिवारों यथा अनुसूचित जातियों, अनसूचित जन-जातियों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों विकलागों आदि को सम्मिलित करके किया जा सकेगा। जिसके उप घटक निम्न प्रकार है।

एन0यू0एल0एम-उपघटक

01-सामाजिक उत्प्रेरण एवं संस्थागत विकास।

02-कौषल विकास एवं प्लेसमेन्ट द्वारा रोजगार

03-स्वरोजगार कार्यक्रम

04-षहरी फेरी व्यवसायियों को सहयोग

05-षहरी बेघरों हेतु आवास योजना

योजनाएं

योजना के तहत शहरों गरीब परिवारों को तीन स्तरीय समूहों के रूप में गठित किया जायेगा।

1.प्रथम चरण में महिलाओं का स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाया जायेगा, जिसमें न्यूनतम 70 प्रतिशत शहरों गरीब परिवार होने आवष्यक हैं। समूह द्वारा 06 माह तक ठीक कार्य करने अथवा ग्रेडिंग उपरान्त एक बार रू0 10,000.00 (रूपया दस हजार मात्र) रिवाल्विंग फण्ड के रूप में नगर निकाय द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा।

2.द्वितीय चरण में स्थानीय भौगोलिक क्षेत्र के अनुसार वार्ड/स्लम आधार पर 10-20 स्वयं सहायता समूहों का Area Level Federation बनाया जायेगा। जिसमें स्थानीय निकाय के दिषा-निर्देषन में प्रत्येक SGH के सदस्यों को ALF सदस्य के रूप नामित किया जायेगा। ALF को एक बार रिवाल्विंग फण्ड के रूप में रू0 50,000.00 (रूपया पचास हजार मात्र) नगर निकाय द्वारा उचित इन्फ्रास्ट्रचर व धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी।

3.तृतीय चरण में सभी ALF को मिलाकर बनायी City Level Federation जायेगी। CLCको संचालित करने हेतु नगर निकाय द्वारा उचित इन्फ्रास्ट्रचर व धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी।

उपरोक्तानुसार सभी द्वारा बैंकों में खाते खोले जायेंगे।

योजना के तहत शहरों गरीबों को चयनित बाजार आधारित टेªडों में मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्रों के साथ निषुल्क प्रषिक्षण प्रदान किया जा रहा हैं।

1.पात्रता 18 वर्श, निकास क्षेत्र का निवासी, शहरों गरीब

2.नगर निकाय में आवेदन जमा उपरान्त काउन्सिलिंग कैम्प आयोजन

3.प्रषिक्षण राज्य स्तर पर चयनित संस्थाओं के माध्यम से दिया जा रहा हैं।

4.प्रषिक्षण उपरान्त का एन.सी.वी.टी. का प्रमाण-पत्र दिया जायेगा।

5.प्रषिक्षण उपरान्त प्रषिक्षण संस्था द्वारा न्यूनतम 75 प्रतिषत प्रषिक्षणार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा।

6.प्रति लाभार्थी 15 से 18 हजार रूपया प्रषिक्षण लागत सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

योजना के तहत नगर निकाय क्षेत्र के षहरी गरीबों को स्वतः रोजगार प्रारम्भ करने हेतु 07 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से व्यक्तिगत व सामूहिक ऋण बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा। बैंक द्वारा लिये जा रहे ऋण ब्याज की दर व 07 प्रतिषत ब्याज दर का अन्तर स्थानीय निकाय द्वारा तिमाही/अर्द्ववार्शिक आधार पर बैंक को प्रेशित किया जायेगा। आवष्यक हैं लाभार्थी द्वारा ऋण अदायगी समय से की जा रही हों। व्यक्तिगत ऋण हेतु लाभार्थी के आयु न्युनतम 18 वर्श व ऋण की अधिकतम सीमा रू0 2,00,000.00 (रूपया दो लाख मात्र) होगी। सामूहिक ऋण हेतु 18 वर्श से अधिक आयु के न्यूनतम 05 व्यक्तियों को समूह होना आवष्यक हैं, जिसमें 70 प्रतिषत षहरी गरीब हों, का अधिकतम रू0 10,00,000.00 (रूपया दस लाख मात्र) का ऋण बैंक के माध्यम से 07 प्रतिषत ब्याज पर उपलब्ध कराया जायेगा। महिला समूह को 03 प्रतिषत अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी पर ऋण उपलब्ध कराया जायेगा।

1.लाभार्थियों द्वारा निर्धारित प्रपत्र में आवेदन नगर निगम में आवष्यक संलग्नों के साथ जमा करना होगा, जिसे गाईड-लाईन के अनुसार निर्धारित कमेटी के माध्यम से ऋण स्वीकृति हेतु सम्बन्धित बैंको को प्रेशित किया जायेगा।

2.पात्रता 18 वर्श निकास क्षेत्र का निवासी षहरी गरीब।

योजाना के तहत नगरीय फेरी समिति का गठन किया जाना हैं। नगर क्षेत्र के फड़, फेरी व्यवसाईयों का सर्वे उपरान्त, वेन्डिंग का व नान वेन्डिंग जोन निर्धारित किये जाने हैं। तद्परान्त स्ट्रीट वेण्डरों को पहचान पत्र, बैंको में बचत खाता खुलवाना, क्रेडिट कार्ड सुविधा, सम्बन्धित प्रषिक्षण इत्यादि के साथ-साथ अन्य विभागों की विभिन्न बीमा योजनाओं से भी लाभान्वित किया जोयगा।

1-इस योजना का प्रमुख उद्देष्य षहरी समाज के निर्धनतम वर्ग को मूलभूत सुविधाओं/सेवाओं युक्त आश्रय उपलब्ध कराना हैं। ये आश्रय, षहरी निराश्रतों के लिये स्थाई तौर पर हर मौसम में चौबीस घण्टे उपलब्ध होगे। प्रत्येक 1 लाख की षहरी आबादी पर ये व्यवस्था की जायेगी कि कम से कम 100 लोगों वाले स्थायी सामुदायिक आश्रय अवष्य उपलब्ध हो। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रत्येक आश्रय स्थल 50 से अधिक 100 लोगों की आवष्यकता पूर्ति करेगा।

2- 2011 की जनगणना के अनुसार 10 लाख से ऊपर की आबादी वाले षहरों को और भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा चिन्हित सामाजिक, ऐतिहासिक रूप से विषिश्ट या पर्यटन स्थलों को इसके अर्न्तगत प्राथमिकता दी जायेगी।

3- प्रत्येक आश्रय स्थल के नियोजन के तहत प्रति व्यक्ति न्यूनतम 50 वर्गफुट या 4.645 वर्ग मी. या लगभग 5 वर्ग मी. स्थान की व्यवस्था की जायेगी।

4- रैन बसेरों में सम्मानजनक मानव वास हेतु मूलभूत सुविधाओं जैसा कि-

=>पेयजल व्यवस्था

=>सफाई व्यवस्था

=>बिजली

=>रसोई घर

=>सार्वजनिक मनोरंजन स्थल आदि की व्यवस्था की जानी हैं।